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ममता बनर्जी : अगर बंगाल में रहना हैं तो बांग्ला सीखनी पड़ेगी अन्यथा....

ममता बनर्जी ने भाषण देते हुए  कहा, “हमें बांग्ला को आगे ले जाना होगा। जब मैं बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब जाती हूं तो उनकी भाषा में बोलती हूं। अगर आप बंगाल में रहते हैं तो आपको बांग्ला बोलना सीखना होगा। इसके अलावा आप हिंदी या अंग्रेजी में बोलिए, मुझे उससे मतलब नहीं है। लेकिन हर किसी को बांग्ला भी सीखनी चाहिए।” उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “बंगाल में रहना और बाइक पर चक्कर लगाते हुए बंगालियों को भयभीत करना और गुंडेबाजी करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


मैं जानना चाहती हूं, अल्पसंख्यक समुदाय के, बंगालियों के घरों पर हमले क्यों किए जा रहे हैं। अगर आप सोचते हैं कि हमारे बंगाली भाइयों, बहनों को सताकर, डराकर आप चैन से रहेंगे तो यह आपकी भूल है।” तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने गुरुवार रात इस इलाके में उनकी पार्टी के झंडों और बैनरों को फाड़ने वाले गुंडों पर कड़ी कार्रवाई न करने के लिए पुलिस की भी तीखी आलोचना की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे गुंडा तत्वों को तीन दिन के भीतर गिरफ्तार करें।

 उन्होंने कहा, “मैं पुलिस से ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह करूंगी। मैं नहीं जानती, पुलिस ने कुछ क्यों नहीं किया। अगर पुलिस अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएगी तो लोग कहां जाएंगे।” ममता ने कहा, “बीती रात हमारी पार्टी के सभी झंडों को कुछ लोग कैसे क्षति पहुंचा सकते हैं? कौन हैं ये लोग? जहां कहीं से भी हो, आप उन्हें ढूंढ़िए और तीन दिन के भीतर उन्हें गिरफ्तार कीजिए।

 कंचरापारा बैरकपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में पड़ता है। इस बार के चुनाव में भगवा पार्टी तृणमूल कांग्रेस से यह सीट छीनने में कामयाब हो गई, तभी से यह इलाका उबल रहा है। चुनाव परिणाम 23 मई को घोषित होने के बाद से इस इलाके और पड़ोस के नैहाटी में झड़पों और राजनीतिक हत्याओं की कई घटनाएं हो चुकी हैं। इस क्षेत्र से बंगाल भाजपा के प्रमुख नेता मुकुल रॉय ने तृणमूल कांग्रेस को हराया है।

 ममता ने रॉय पर कटाक्ष करते हुए कहा, “जो कभी रेलवे के छोटे ठेकेदार थे, अब दुबई, मलेशिया, सिंगापुर हर जगह जा रहे हैं।” रॉय कंचरापारा इलाके के रहने वाले हैं। ममता ने मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) समर्थकों पर अपने वोट भारतीय जनता पार्टी को दिलाने का आरोप भी लगाया।

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